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Question
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?
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Solution
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह श्री कृष्ण ने नहीं किया। गोपियाँ उनसे अपेक्षा करती थीं कि वे उनके प्रेम की मर्यादा का पालन करेंगे, लेकिन उन्होंने योग संदेश भेजकर प्रेम की मर्यादा को ही तोड़ दिया। इससे स्पष्ट होता है कि भगवान श्री कृष्ण का प्रेम अनंत और अद्भुत है, जो केवल व्यक्तिगत सीमाओं से परे है। उन्होंने गोपियों को अपने योग संदेश के माध्यम से इस उच्च प्रेम का अनुभव कराया।
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