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Question
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।
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Solution
प्रस्तुत पंक्तियों में कवि प्रेमिका की अतुप्ति का वर्णन करते हैं। अपने प्रेमी के साथ उसे बहुत समय हो गया है। परन्तु अब तक वह तृप्त नहीं हो पायी है। वह जन्मों से अपने प्रियतम को निहारती रही है परन्तु हर बार उसे और देखने का ही मन करता है। नेत्रों में अतृप्ति का भाव विद्यमान है। इसी तरह वह उसकी मधुर वाणी को लंबी अवधी से सुनती आ रही है। उसके बाद भी उसके बोल नए से ही लगते हैं। उसके रूप तथा वाणी के अंदर नवीनता का समावेश है, जिस कारण मैं तृप्त ही नहीं हो पाती हूँ।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।
काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की
- चीर – __________
- बूढ़ता – __________
- लगास्यूँ – __________
- धर्यो – __________
- कुण्जर – __________
- बिन्दावन – __________
- रहस्यूँ – __________
- राखो – __________
- घणा – __________
- सरसी – __________
- हिवड़ा – __________
- कुसुम्बी – __________
मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।
यदि आपको मीरा के पदों के कैसेट मिल सकें तो अवसर मिलने पर उन्हें सुनिए।
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पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
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गोपियों को उद्धव का शुष्क संदेश पसंद न आने का मुख्य कारण था-
गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
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रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?
गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।
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प्रथम पद में मीरा अपने आराध्य से कैसे और क्या प्रार्थना करती हैं?
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