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पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।

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Question

पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।

Short/Brief Note
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Solution

मीरा कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। उनकी भक्ति में दास्य भाव अधिक दिखाई देता है। इस पाठ में संकलित पदों को पढ़ने से उनकी भक्ति का दो रूप उभरकर सामने आता है-

  • दास्य रूप
  • रसिक रूप।

प्रथम पद में कवयित्री अपने प्रभु से पहले लोगों का दुख दूर करने की प्रार्थना करती है। वह अपने प्रभु का गुणगान करती हुई उनकी क्षमताओं का स्मरण कराती है। इसी क्रम में वह अपने प्रभु को द्रौपदी, गजराज और प्रहलाद के प्रति किए गए कार्यों का दृष्टांत प्रस्तुत करती हुई अपनी पीड़ा दूर करने की प्रार्थना करती है।

दूसरे पद में मीरा अपने प्रभु के रूप सौंदर्य पर मोहित होती हैं। वे उनका सान्निध्य पाने का प्रयास करती हैं और उनकी सेवा करते हुए उन्हें प्रसन्न करने का हर संभव उपाय करती है।

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पद
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Chapter 1.2: पद - अतिरिक्त प्रश्न

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 1.2 पद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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  5. कुण्जर – __________
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  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
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