हिंदी

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

इन पंक्तियों में मीरा ने कृष्ण से अपने दुख दूर करने की प्रार्थना की है। हे भक्त वत्सल जैसे - डूबते गजराज को बचाया और उसकी रक्षा की वैसे ही आपकी दासी मीरा प्रार्थना करती है कि उसकी पीड़ा दूर करो। इसमें दास्य भक्तिरस है। भाषा ब्रज मिश्रित राजस्थानी है। अनुप्रास अलंकार है, भाषा सरल तथा सहज है।

shaalaa.com
पद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.2: पद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.2 पद
प्रश्न-अभ्यास | Q (ख) 2. | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्न

गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?


गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?


गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?


गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।


गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?


‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?


गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?


गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँ, तीनूं बाताँ सरसी।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की

  1. चीर –  __________
  2. बूढ़ता – __________
  3. लगास्यूँ – __________
  4. धर्यो – __________
  5. कुण्जर – __________
  6. बिन्दावन – __________
  7. रहस्यूँ – __________
  8. राखो – __________
  9. घणा – __________
  10. सरसी – __________
  11. हिवड़ा – __________
  12. कुसुम्बी – __________

पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।


तीनू बाताँ सरसी’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है? उसकी यह मनोकामना कैसे पूरी हुई ?


कवयित्री मीरा अपने प्रभु के सौंदर्य पर क्यों रीझी हुई हैं? स्पष्ट कीजिए।


मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण का दर्शन और सामीप्य पाने के लिए क्या-क्या उपाय करती हैं?


कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।


गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×