हिंदी

गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गोपियों ने उद्धव से योग की शिक्षा कैसे लोगों को देने की बात कही है?

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

गोपियों के अनुसार योग की शिक्षा उन्हीं लोगों को देनी चाहिए जिनकी इन्द्रियाँ व मन उनके बस में नहीं होते। जिस तरह से चक्री घूमती रहती है उसी तरह उनका मन एक स्थान पर न रहकर भटकता रहता है। परन्तु गोपियों को योग की आवश्यकता है ही नहीं क्योंकि वह अपने मन व इन्द्रियों को श्री कृष्ण के प्रेम के रस में डूबो चुकी हैं। वे इन सबको श्री कृष्ण में एकाग्र कर चुकी हैं। इसलिए उनको इस योग की शिक्षा की आवश्यकता नहीं है।

shaalaa.com
पद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: सूरदास - पद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 1 सूरदास - पद
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ ७

संबंधित प्रश्न

गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?


संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए?


गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।


उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?


गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?


ऐसी कौन-सी बात थी जिसे गोपियों को अपने मन में दबाए रखने के लिए विवश होना पड़ा?


गोपियों को मदद मिलने की आशा कहाँ लगी थी, पर उनकी यह आशा निराशा में कैसे बदल गई?


उद्धव गोपियों के पाए जिस उद्देश्य से आए थे, उसमें सफल नहीं हो सके?


दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
बूढ़तो गजराज राख्यो, काटी कुण्जर पीर।
दासी मीराँ लाल गिरधर, हरो म्हारी भीर।


यदि आपको मीरा के पदों के कैसेट मिल सकें तो अवसर मिलने पर उन्हें सुनिए।


भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?


राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?


‘सेह पिरित अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए’ से लेखक का क्या आशय है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×