हिंदी

श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

हिरण्यकश्यप नामक एक अत्याचारी एवं अभिमानी राजा था। वह स्वयं को ही ईश्वर मानता था; परंतु उसका पुत्र ईश्वर का परम भक्त था। हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को तरह-तरह से समझाया कि वह प्रभु भक्ति छोड़कर उसे (हिरण्यकश्यप) ही भगवान माने पर प्रहलाद तैयार न हुआ। उसके पिता उसे तरह-तरह की यातना दी पर प्रहलाद का विश्वास प्रभु में बढ़ता ही गया। एक बार जब उसने प्रहलाद की जान लेनी चाही तो भगवान ने नरसिंह का रूप धारण कर प्रहलाद की रक्षा की और हिरण्यकश्यप को मार दिया।

shaalaa.com
पद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?


गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?


उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?


गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?


गोपियों को मदद मिलने की आशा कहाँ लगी थी, पर उनकी यह आशा निराशा में कैसे बदल गई?


गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?


काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
चाकरी में दरसण पास्यूँसुमरण पास्यूँ खरची।
भाव भगती जागीरी पास्यूँतीनूं बाताँ सरसी।


मीरा के अन्य पदों को याद करके कक्षा में सुनाइए।


श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ?


तीनू बाताँ सरसी’ के माध्यम से कवयित्री क्या कहना चाहती है? उसकी यह मनोकामना कैसे पूरी हुई ?


कवयित्री मीरा अपने प्रभु के सौंदर्य पर क्यों रीझी हुई हैं? स्पष्ट कीजिए।


राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?


नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।


कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)


गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×