Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
मीराबाई के मन में आराध्य श्रीकृष्ण की सेवा करने की एक विशेष इच्छा है। उन्हें इस चाकरी के माध्यम से दिन-रात कृष्ण की सेवा का अवसर मिलेगा। कृष्ण की चाकरी करने से उनके निम्न हित पूरे हो सकेंगे और वे कृष्ण के नित्य दर्शन प्राप्त कर सकेंगी। मीरा की आखिरी और अत्यंत महत्वपूर्ण इच्छा है कि उन्हें श्रीकृष्ण की भक्ति मिल जाए। उन्हें वृन्दावन की गलियों में कृष्ण की लीला का यशोगान करने की तीसरी और अंतिम इच्छा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।
ऐसी कौन-सी बात थी जिसे गोपियों को अपने मन में दबाए रखने के लिए विवश होना पड़ा?
‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?
गोपियों ने स्वयं को अबला और भोली कहा है। आपकी दृष्टि से उनका ऐसा कहना कितना उपयुक्त है?
गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
पहले पद में मीरा ने हरि से अपनी पीड़ा हरने की विनती किस प्रकार की है?
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रुप लिखिए-
उदाहरण − भीर − पीड़ा/कष्ट/दुख; री − की
- चीर – __________
- बूढ़ता – __________
- लगास्यूँ – __________
- धर्यो – __________
- कुण्जर – __________
- बिन्दावन – __________
- रहस्यूँ – __________
- राखो – __________
- घणा – __________
- सरसी – __________
- हिवड़ा – __________
- कुसुम्बी – __________
यदि आपको मीरा के पदों के कैसेट मिल सकें तो अवसर मिलने पर उन्हें सुनिए।
कवयित्री मीरा ने अपने प्रभु से क्या प्रार्थना की है? प्रथम पद के आधार पर लिखिए।
श्रीकृष्ण ने गजराज की मदद किस तरह की थी ?
भगवान को नरहरि का रूप क्यों धारण करना पड़ा?
कवयित्री मीरा अपने प्रभु के सौंदर्य पर क्यों रीझी हुई हैं? स्पष्ट कीजिए।
पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।
'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?
‘सेह पिरित अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए’ से लेखक का क्या आशय है?
नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)
