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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'मानव जीवन का सबसे बड़ा भय मृत्यु ही है, फिर भी 'मनुष्यता' कविता में कवि ने मृत्यु से भयभीत न होने की बात क्यों कही है?
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उत्तर
कवि मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी कविता 'मनुष्यता' में मनुष्य को मृत्यु से ना डरने का संदेश दिया है। उनका मानना है कि यह शरीर नष्ट होने ही वाला है, और आत्मा अमर है, इसलिए मृत्यु से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। हर मनुष्य को समयानुसार मृत्यु का सामना करना पड़ता है, इसलिए उसे अपने जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए जो उसे बाद में भी याद रखा जा सके। उसकी मृत्यु व्यर्थ न जाए और उसकी याद सदैव अमर रहे।
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