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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?
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उत्तर
कवि ने व्यर्थ उस जीवन को बताया है जो मनुष्य दूसरों के लिए कुछ नहीं करता। स्वार्थी और स्वयं के हित में ही रहने वाले लोग दूसरों की चिंता नहीं करते और पशु समान प्रवृतियों को दिखाते हैं। उन्हें सिर्फ अपना फायदा-नुकसान दिखता है और उन्हें किसी और की चिंता नहीं होती। इस प्रकार के व्यक्ति के जीवन को कवि ने व्यर्थ बताया है।
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