Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?
Advertisements
उत्तर
कवि ने व्यर्थ उस जीवन को बताया है जो मनुष्य दूसरों के लिए कुछ नहीं करता। स्वार्थी और स्वयं के हित में ही रहने वाले लोग दूसरों की चिंता नहीं करते और पशु समान प्रवृतियों को दिखाते हैं। उन्हें सिर्फ अपना फायदा-नुकसान दिखता है और उन्हें किसी और की चिंता नहीं होती। इस प्रकार के व्यक्ति के जीवन को कवि ने व्यर्थ बताया है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने दधीचि कर्ण, आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर मनुष्यता के लिए क्या संदेश दिया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?
‘मनुष्य मात्र बंधु है’ से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'मनुष्यता' कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?
निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।
अपने अध्यापक की सहायता से रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि पौराणिक पात्रों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
कवि किसके जीने और मरने को एक समान बताता है?
मनुष्य किसी अन्य को अनाथ समझने की भूल कब कर बैठता है?
कवि ने सफलता पाने के लिए मनुष्य को किस तरह प्रयास करने के लिए कहा है?
‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने मनुष्य के किस कृत्य को अनर्थ कहा है और क्यों ?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उपयुक्त कथन चुनिए।
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्या याद रखने को कहा है और क्यों?
