मराठी

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - “घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्‍या याद रखने को कहा है और क्यों?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

'घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े ने भिन्‍नता कभी' कविता से लिए गए शब्द एक महत्वपूर्ण संदेश प्रदान करते हैं। इससे कवि दर्शाता है कि जीवन के मार्ग में भिन्नता और असमंजस मत आने दें। हम सभी मिलकर समृद्धि की ओर बढ़ें। यह हमारे लिए एक संगठित और सहयोगी समुदाय बनाने के लिए संदेश है। जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हमें आपसी सहायता और प्रेम के संबंध बनाने चाहिए, जो हमें एक-दूसरे का साथ देने में सहायता करता है और हमें समृद्धि के पथ पर अग्रसर करता है। इससे हमारी मनुष्यता और समाज में एक अच्छा और सकारात्मक भावना का विकास होता है।

shaalaa.com
मनुष्यता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2022-2023 (March) Delhi Set 1

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने दधीचि कर्ण, आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर मनुष्यता के लिए क्या संदेश दिया है?


‘मनुष्य मात्र बंधु है’ से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
व्यक्ति को किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिए? इस कविता के आधार पर लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'मनुष्यता' कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।


‘परोपकार’ विषय पर आधारित दो कविताओं और दो दोहों का संकलन कीजिए। उन्हें कक्षा में सुनाइए।


अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध’ की कविता ‘कर्मवीर’ तथा अन्य कविताओं को पढ़िए तथा कक्षा में सुनाइए।


भवानी प्रसाद मिश्र की ‘प्राणी वही प्राणी है’ कविता पढ़िए तथा दोनों कविताओं के भावों में व्यक्त हुई समानता को लिखिए।


“अखंड आत्मभाव भरने’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


मनुष्य किसी अन्य को अनाथ समझने की भूल कब कर बैठता है?


कवि ने महाविभूति किसे कहा है और क्यों?


अपने लिए जीने वाला कभी मरता नहीं’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?


कवि ने सफलता पाने के लिए मनुष्य को किस तरह प्रयास करने के लिए कहा है?


‘रहो न यों कि एक से न काम और का सरे’ के माध्यम से कवि क्या सीख देना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सबको साथ चलने की प्रेरणा क्यों दी है? इससे समाज को क्या लाभ हो सकता है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'मनुष्यता' कविता में भाग्यहीन किसे और क्यों कहा गया है? अपने शब्दों में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×