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प्रश्न
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्या याद रखने को कहा है और क्यों?
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उत्तर
'घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े ने भिन्नता कभी' कविता से लिए गए शब्द एक महत्वपूर्ण संदेश प्रदान करते हैं। इससे कवि दर्शाता है कि जीवन के मार्ग में भिन्नता और असमंजस मत आने दें। हम सभी मिलकर समृद्धि की ओर बढ़ें। यह हमारे लिए एक संगठित और सहयोगी समुदाय बनाने के लिए संदेश है। जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हमें आपसी सहायता और प्रेम के संबंध बनाने चाहिए, जो हमें एक-दूसरे का साथ देने में सहायता करता है और हमें समृद्धि के पथ पर अग्रसर करता है। इससे हमारी मनुष्यता और समाज में एक अच्छा और सकारात्मक भावना का विकास होता है।
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