हिंदी

अपने लिए जीने वाला कभी मरता नहीं’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपने लिए जीने वाला कभी मरता नहीं’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

‘अपने लिए जीने वाला कभी नहीं मरता’ कवि ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि जो व्यक्ति परोपकार करते हैं, दूसरों की भलाई में लगे रहते हैं तथा अपने-पराए का भेद किए बिना दूसरों के काम आते हैं, ऐसे व्यक्ति अपने कार्यों के माध्यम से अमर हो जाते हैं। ऐसे लोग मरकर भी दूसरों की चर्चा में रहते हैं। ऐसा लगता है कि वे अब भी जीवित हैं।

shaalaa.com
मनुष्यता
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.4: मनुष्यता - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 1.4 मनुष्यता
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मनुष्यताकविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिएमहाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँत्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्तिविघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँबढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।


अपने अध्यापक की सहायता से रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि पौराणिक पात्रों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


भवानी प्रसाद मिश्र की ‘प्राणी वही प्राणी है’ कविता पढ़िए तथा दोनों कविताओं के भावों में व्यक्त हुई समानता को लिखिए।


‘विचार लो कि मर्त्य हो’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है? इसे सुमृत्यु कैसे बनाया जा सकता है?


कवि किसके जीने और मरने को एक समान बताता है?


“अखंड आत्मभाव भरने’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


‘रहो न यों कि एक से न काम और का सरे’ के माध्यम से कवि क्या सीख देना चाहता है?


‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने मनुष्य के किस कृत्य को अनर्थ कहा है और क्यों ?


निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उपयुक्त कथन चुनिए।


पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्‍या याद रखने को कहा है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×