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निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्तिविघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँबढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

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उत्तर

कवि संदेश देता है कि हमें निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। बाधाओंकठिनाइयों को हँसते हुएढकेलते हुए बढ़ना चाहिए लेकिन आपसी मेलजोल कम नहीं करना चाहिए। किसी को अलग न समझेंसभी पंथ व संप्रदाय मिलकर सभी का हित करने की बात करेविश्व एकता के विचार को बनाए रखे।

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मनुष्यता
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अध्याय 1.4: मनुष्यता - प्रश्न-अभ्यास (ख) [पृष्ठ २२]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.4 मनुष्यता
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 3 | पृष्ठ २२

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