मराठी

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

अपने किन हितों को पूरा करने के लिए मीरा कृष्ण की चाकरी करना चाहती थी? 'पद' कविता के आधार पर लिखिए।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

मीराबाई के मन में आराध्य श्रीकृष्ण की सेवा करने की एक विशेष इच्छा है। उन्हें इस चाकरी के माध्यम से दिन-रात कृष्ण की सेवा का अवसर मिलेगा। कृष्ण की चाकरी करने से उनके निम्न हित पूरे हो सकेंगे और वे कृष्ण के नित्य दर्शन प्राप्त कर सकेंगी। मीरा की आखिरी और अत्यंत महत्वपूर्ण इच्छा है कि उन्हें श्रीकृष्ण की भक्ति मिल जाए। उन्हें वृन्दावन की गलियों में कृष्ण की लीला का यशोगान करने की तीसरी और अंतिम इच्छा है।

shaalaa.com
पद
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2022-2023 (March) Outside Delhi Set 2

संबंधित प्रश्‍न

गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?


‘मरजादा न लही’ के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?


गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?


ऐसी कौन-सी बात थी जिसे गोपियों को अपने मन में दबाए रखने के लिए विवश होना पड़ा?


गोपियों को मदद मिलने की आशा कहाँ लगी थी, पर उनकी यह आशा निराशा में कैसे बदल गई?


उद्धव गोपियों के पाए जिस उद्देश्य से आए थे, उसमें सफल नहीं हो सके?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?


मीरा के पदों का संकलन करके उन पदों को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।


कवयित्री मीरा ने अपने प्रभु से क्या प्रार्थना की है? प्रथम पद के आधार पर लिखिए।


मीरा अपने आराध्य श्रीकृष्ण का दर्शन और सामीप्य पाने के लिए क्या-क्या उपाय करती हैं?


गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए' से लेखक का क्या आशय है?


नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।


कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।


गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×