Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
Advertisements
उत्तर
रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण:
- रवींद्रनाथ ठाकुर की भक्ति उनके विशाल ईश्वर-विश्वास और सफलता के लिए ईश्वर पर आश्रित नहीं होने के अंदाज में प्रमुखता रखती है। उनकी प्रार्थना मानव मन की कमजोरियों से मुक्ति दिलाने पर केंद्रित है और भौतिक सुखों की इच्छा नहीं करते।
- मीरा की भक्ति में दैन्य और माधुर्य भाव का प्रमुख स्थान है। वे कृष्ण को सौंदर्यपूर्ण रूप में आराधना करती हैं और उनसे अपनी उल्लासित भावनाएं साझा करती हैं। उनका प्रेम गिरधर गोपाल के अनन्य और एकनिष्ठ प्रेम से अभिभूत करता है।
- इस प्रकार, रवींद्रनाथ ठाकुर की भक्ति बहुतायत और समृद्धि के साथ जुड़ी है, जबकि मीरा की भक्ति दैन्य और प्रेमपूर्ण भावना से भरी है। दोनों की भक्ति में अपनी अपनी अनूठी पहचान है, जो उन्हें अलग-अलग भक्ति भावों में समृद्ध करती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है?
गोपियों ने किन-किन उदाहरणों के माध्यम से उद्धव को उलाहने दिए हैं?
प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट करें।
गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।
गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?
‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
पहले पद में मीरा ने हरि से अपनी पीड़ा हरने की विनती किस प्रकार की है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रुप-सौंदर्य का वर्णन कैसे किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
मीराबाई की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-
वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?
मीरा के पदों का संकलन करके उन पदों को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।
पहले हमारे यहाँ दस अवतार माने जाते थे। विष्णु के अवतार राम और कृष्ण प्रमुख हैं। अन्य अवतारों के बारे में जानकारी प्राप्त करके एक चार्ट बनाइए।
कवयित्री मीरा ने अपने प्रभु से क्या प्रार्थना की है? प्रथम पद के आधार पर लिखिए।
पाठ में संकलित पदों के आधार पर मीरा की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।
पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?
कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)
पद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :
श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए मीरा कौन-कौन से कार्य करने को तत्पर है? इनसे श्रीकृष्ण के प्रति मीरा के किस भाव का पता चलता है?
