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‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय है कि-प्रेम रूपी नदी में पैर न डुबोना। अर्थात् किसी से प्रेम न करना और प्रेम का महत्त्व न समझना। ऐसा उन उद्धव के लिए कहा गया है, जो कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम से अछूते बने रहे।

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पद
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अध्याय 1: सूरदास - पद - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 1 सूरदास - पद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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