Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
आपके द्वारा 'स्पर्श' पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Advertisements
उत्तर
'स्पर्श' पाठ्यक्रम में हमने अनेक कविताएँ पढ़ी जिनमें से देशभक्ति गीत के रूप में प्रसिद्ध कविता ‘कर चले हम फ़िदा’ की अंतिम पंक्तियाँ हैं 'राम भी तुम-तुम ही लक्ष्मण साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’। इन पंक्तियों ने मुझे अत्यधिक प्रभावित किया है। कवि ‘कैफ़ी आज़मी’ ने एक पौराणिक कथा को आधार बनाकर हमें देश की रक्षा करने हेतु प्रेरित किया है। कविता के माध्यम से उस सैनिक की भावनाओं को दर्शाया गया है जो अंतिम साँस तक देश की हिफ़ाजत करता है। अपने जीवन के कुर्बान हो जाने का उसे कोई अफसोस नहीं, उसे चिंता केवल यही है कि उसके न रहने पर देश की रक्षा कौन करेगा। यह जिम्मेदारी वह अन्य देशवासियों अर्थात् हम सबको सौंपता है। कवि का कहना है कि जब कभी कोई शत्रु देश हमारी मातृभूमि की ओर आँख उठाकर देखें तो हमें अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके उसे चेतावनी देनी है ताकि उसका साहस न हो कि वह हमारी लक्ष्मण रेखा को पार कर सके और यदि कोई ऐसा करने का साहस करता है तो उसे शक्तिहीन करने का साहस हमारे अंदर होना चाहिए। हमारी मातृभूमि पवित्र सीता माँ है और हमने राम और लक्ष्मण बनकर तन-मन-धन से उसकी सेवा करनी है।
Notes
(यह मात्र एक उदाहरण है।) छात्र पाठ्यक्रम की जिस कविता से प्रभावित हों, उसकी अंतिम पंक्तियों को आधार बनाकर उत्तर लिख सकते हैं।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने 'साथियों' संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
खींच दो अपने खू से जमीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई
ध्यान दीजिए संबोधन में बहुवचन ‘शब्द रूप’ पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता; जैसे- भाइयो, बहिनो, देवियो, सः जनो आदि।
कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।
सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।
अपने स्कूल के किसी समारोह पर यह गीत या अन्य कोई देशभक्तिपूर्ण गीत गाकर सुनाइए।
सैनिकों के लड़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं थीं। स्पष्ट कीजिए।
‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?
अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?
‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?
सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है?
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:
‘फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है’- ‘कर चले हम फिदा’ कविता से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति में ‘इस जश्न’ से कवि का क्या आशय है और उसे बाद में मनाने के पीछे क्या कारण हैं?
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
'कर चले हम फ़िदा' गीत में कवि देशवासियों से क्या अपेक्षाएँ रखता है? हम उसकी अपेक्षाओं पर किस रूप में खरा उतर रहे हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
