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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?
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उत्तर
यह गीत सन् 1962 के भारत-चीन युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। चीन ने तिब्बत की ओर से आक्रमण किया और भारतीय वीरों ने इस आक्रमण का मुकाबला वीरता से किया।
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इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?
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गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि व जीवन भर याद रह जाते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
कैफ़ी आज़मी की अन्य रचनाओं को पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। इसके साथ ही उर्दू भाषा के अन्य कवियों की रचनाओं को भी पढ़िए।
एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा कैफ़ी आज़मी पर बनाई गई फ़िल्म देखने का प्रयास कीजिए।
सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।
आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आज़ादी बनाए रखना’। इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
‘कर चले हम फ़िदा जानो तन’ के माध्यम से सैनिक क्या कहना चाहते हैं?
सैनिकों के लड़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं थीं। स्पष्ट कीजिए।
‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?
अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?
सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है?
कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए।
‘कर चले हम फिदा’ कविता के आधार पर बताइए कि सीमा पर शहीद होने वाले सैनिकों को मरते दम तक किस बात पर गर्व है और क्यों?
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
| साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुलहन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! |
- 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
(A) हिमालय को सजाना।
(B) हिमालय की हिफाज़त करना।
(C) भारत के गौरव को बनाए रखना।
(D) भारत का गुणगान करना। - कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
(A) कवियों
(B) शहीदों
(C) सैनिकों
(D) देशवासियों - 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
(A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
(B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
(C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
(D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा। - 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
(A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
(B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
(C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर।
(D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर। - इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
(A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
(B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
(C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
(D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
