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उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।

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प्रश्न

उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग गीतावली के दूसरे पद की इस पंक्ति में हुआ है- "तदपि दिनहिं दिन होत झाँवरे मनहुँ कमल हिमसारे।" इसमें राम वियोगी घोड़ों की मुरझाई दशा की संभावना ऐसे कमलों से की गई है, जो बर्फ की मार के कारण मुरझा रहे हैं। ऐसा करके तुलसीदास जी ने घोड़ों की दशा का सटीक वर्णन किया है। उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कर कवि ने उपमेय में उपमान की संभावना कर पद का सौंदर्य निखार दिया है और घोड़ों का दुख बहुत सजीव रूप में उभरकर सामने आया है।

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अलंकार
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अध्याय 1.06: तुलसीदास (भरत-राम का प्रेम, पद) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४५]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
अध्याय 1.06 तुलसीदास (भरत-राम का प्रेम, पद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. (ख) | पृष्ठ ४५
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