Advertisements
Advertisements
Question
किसी आव्यूह को एक अदिश ______ से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है।
Advertisements
Solution
किसी आव्यूह को एक अदिश 0 से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है।
व्याख्या:
अदिश 0' द्वारा किसी भी आव्यूह का गुणनफल शून्य आव्यूह '0' होता है।
यानी, 0 . A = 0
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
यदि A = `[(2, 3),(1, 2)]`, B = `[(1, 3, 2),(4, 3, 1)]`, C = `[(1),(2)]`, D = `[(4, 6, 8),(5, 7, 9)]`, हों तो A + B, B + C, C + D और B + D योगफलों में कौन से योगफल परिभाषित हैं।
सिद्ध कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है।
यदि `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।
यदि A और B समान कोटि के दो आव्यूह हैं, तो (A + B) (A – B) बराबर है।
आव्यूह A = `[(0, 0, 5),(0, 5, 0),(5, 0, 0)]` है।
एक 3 × 2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव aij = ei.x sinjx द्वारा दिए गए हैं।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो X + Y ज्ञात कीजिए।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो 2X – 3Y ज्ञात कीजिए।
x तथा y के लिए हल कीजिए।
`x[(2),(1)] + y[(3),(5)] + [(-8),(-11)]` = O
यदि A = `[(1, 0, -1),(2, 1, 3 ),(0, 1, 1)]` है तो सत्यापित कीजिए कि A2 + A = A(A + I), जहाँ I एक 3 × 3 तत्समक आव्यूह है।
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (A′)′ = (AB)' = B'A'
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A + (B + C) = (A + B) + C
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (A – B) C = AC – BC
यदि A = `[(0, -x),(x, 0)]`, B = `[(0, 1),(1, 0)]` और x2 = –1 हो तो दिखाइए कि (A + B)2 = A2 + B2.
A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, 3),(-5, 7)]`
आव्यूह A ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि `[(2, -1),(1, 0),(-3, 4)] "A" = [(-1, -8, -10),(1, -2, -5),(9, 22, 15)]`
यदि A = `[(0, 2y, z),(x, y, -z),(x, -y, z)]` इस प्रकार हो कि A′ = A–1 तो x, y तथा z के मान ज्ञात कीजिए।
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, -1, 3),(-5, 3, 1),(-3, 2, 3)]`
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 3, -3),(-1, 2, 2),(1, 1, -1)]`
यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।
यदि A, B और C समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तब AB = AC से सदैव B = C प्राप्त होता है।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो A2 सममित आव्यूह होगा।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
