Advertisements
Advertisements
Question
किसी भी आव्यूह A के लिए AA′ सदैव सममित आव्यूह होता है।
Options
सत्य
असत्य
Advertisements
Solution
यह कथन सत्य है।
व्याख्या:
मान लीजिए P = AA'
P' = (AA')'
= (A')' . A' .....[(AB)' = B'A']
= AA'
= P
अतः P सममित आव्यूह है।
अत: AA' सदैव एक सममित आव्यूह होता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
यदि `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।
यदि A = `[(1, 3, 2), (2, 0, -1), (1, 2, 3)]`, तो दिखाइए कि A समीकरण A3 - 4A2 - 3A + 11I = O को संतुष्ट करता है।
यदि A = `[(2, 3),(-1, 2)]`, तो दिखाइए कि A2 – 4A + 7I = O इस परिणाम का उपयोग करके A5 का मान भी निकालिए।
यदि A और B एक समान कोटि की दो विषम सममित आव्यूह हों तो AB एक सममित आव्यूह होगा यदि ______
यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हैं तब (3A -2B)′ = ______
आव्यूहों का योग तभी परिभाषित है जब प्रत्येक की कोटि ______ है।
आव्यूहों का व्यवकलन साहचर्य होता है।
आव्यूह समीकरण `[(2, 1),(3, 2)] "A" [(-3, 2),(5, -3)] = [(1, 0),(0, 1)]` को संतुष्ट करने वाले आव्यूह A ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(1, 0, -1),(2, 1, 3 ),(0, 1, 1)]` है तो सत्यापित कीजिए कि A2 + A = A(A + I), जहाँ I एक 3 × 3 तत्समक आव्यूह है।
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
सिद्ध कीजिए कि किसी भी आव्यूह A के लिए A′A तथा AA′ दोनों ही सममित आव्यूह हैं।
यदि `[(xy, 4),(z + 6, x + y)] = [(8, w),(0, 6)]`, हो तो x, y, z और w के मान ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(1, 2),(4, 1)]` हो तो A2 + 2A + 7I ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(cosalpha, sinalpha),(-sinalpha, cosalpha)]` तथा A–1 = A′, हो तो α का मान ज्ञात कीजिए।
यदि P(x) = `[(cosx, sinx),(-sinx, cosx)]`, हो तो दिखाइए कि P(x) . (y) = P(x + y) = P(y) . P(x)
आव्यूह `[(0, -5, 8),(5, 0, 12),(-8, -12, 0)]`
दो विषम सममित आव्यूहों का योग सदैव ______ आव्यूह होता है।
किसी आव्यूह का ऋण आव्यूह इसको ______ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।
यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो (kA)′ = ______ (k कोई अदिश है।)
एक या अधिक प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से A–1 ज्ञात करते समय यदि एक या एक से अधिक पंक्तियों के सभी अवयव शून्य हो जाएँ तो A–1 ______ होता है।
असमान कोटि वाले आव्यूहों को घटाया नहीं जा सकता है।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′
यदि A = `[(2, 3, -1),(1, 4, 2)]` और B = `[(2, 3),(4, 5),(2, 1)]`, तब AB और BA, दोनों परिभाषित हैं तथा समान हैं।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
