Advertisements
Advertisements
Question
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
Options
सत्य
असत्य
Advertisements
Solution
यह कथन सत्य है।
व्याख्या:
यदि A और B एक ही क्रम के व्युत्क्रमणीय आव्यूह हैं
∴ (AB)–1 = (BA)–1 ......[∵ AB = BA]
लेकिन (AB)–1 = A–1B–1
∴ (BA)–1 = B–1A–1
अत: A–1B–1 = B–1A–1
∴ A और B गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
यदि A = `[(2, 3),(1, 2)]`, B = `[(1, 3, 2),(4, 3, 1)]`, C = `[(1),(2)]`, D = `[(4, 6, 8),(5, 7, 9)]`, हों तो A + B, B + C, C + D और B + D योगफलों में कौन से योगफल परिभाषित हैं।
आव्यूहों का व्यवकलन साहचर्य होता है।
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।
आव्यूह समीकरण `x[(2x, 2),(3, x)] + 2[(8, 5x),(4, 4x)] = 2[(x^2 + 8, 24),(10, 6x)]` को संतुष्ट करने वाले x के शून्येतर मान निकालिए।
यदि A = `[(0, 1),(1, 1)]` और B = `[(0, -1),(1, 0)]` हैं तो दिखाइए कि (A + B) (A - B) A2 - B2.
दर्शाइए कि A = `[(5, 3),(-1, -2)]` समीकरण A2 - 3A - 7I = O को संतुष्ट करता है और इसके प्रयोग से A-1 ज्ञात कीजिए।
यदि संभव हो तो BA और AB ज्ञात कीजिए जहाँ A = `[(2, 1, 2), (1, 2, 4)]` और B = `[(4, 1), (2, 3), (1, 2)]` है।
यदि P = `[(x, 0, 0),(0, y, 0),(0, 0, z)]` और Q = `[("a", 0, 0),(0, "b", 0),(0, 0, "c")]` तो सिद्ध कीजिए कि PQ = `[(x"a", 0, 0),(0, y"b", 0),(0, 0, z"c")]` = QP.
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A (BC) = (AB) C
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (a + b)B = aB + bB
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (AT)T = A
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (bA)T = bAT
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (AB)T = BTAT
यदि A = `[(costheta, sintheta),(-sintheta, costheta)]` तो दिखाइए कि A2 = `[(cos2theta, sin2theta),(-sin2theta, cos2theta)]`
यदि A = `[(3, -5),(-4, 2)]` हो तो A2 – 5A – 14 ज्ञात कीजिए और फिर इसके प्रयोग से A3 ज्ञात कीजिए।
आव्यूह A ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि `[(2, -1),(1, 0),(-3, 4)] "A" = [(-1, -8, -10),(1, -2, -5),(9, 22, 15)]`
यदि `[(0, "a", 3),(2, "b", -1),("c", 1, 0)]` एक विषम सममित आव्यूह हो तो a, b और c के मान ज्ञात कीजिए।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो kA (k कोई अदिश है) एक ______ है।
एक आव्यूह एक संख्या को निरूपित करता है।
दो आव्यूह समान होते हैं यदि उनकी पंक्तियों तथा स्तंभों की संख्या समान हो।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
यदि समान कोटि के तीनों आव्यूह सममित हैं तब उनका योग भी सममित आव्यूह है।
किसी भी आव्यूह A के लिए AA′ सदैव सममित आव्यूह होता है।
