मराठी

यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए। [20-1510013]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।

`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`

बेरीज
Advertisements

उत्तर

यहाँ, A = `[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`

A = IA रखो

`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)] = [(1, 0, 0),(0, 1, 0),(0, 0, 1)]"A"`

R1 → 3R1 – R2

`[(1, -1, -3),(5, 1, 0),(0, 1, 3)] = [(3, -1, 0),(0, 1, 0),(0, 0, 1)]"A"`

R2 → R2 – 5R

`[(1, -1, -3),(0, 6, 15),(0, 1, 3)] = [(3, -1, 0),(-15, 6, 0),(0, 0, 1)]"A"`

R2 → R2 – 5R

`[(1, -1, -3),(0, 1, 0),(0, 1, 3)] = [(3, -1, 0),(-15, 6, -5),(0, 0, 1)]"A"`

R3 → R3 – R2  

`[(1, -1, -3),(0, 1, 0),(0, 0, 3)] = [(3, -1, 0),(-15, 6, -5),(15, -6, 6)]"A"`

R1 → R1 + R2  

`[(1, 0, -3),(0, 1, 0),(0, 0, 3)] = [(-12, 5, -5),(-15, 6, -5),(15, -6, 6)]"A"`

`"R"_3 -> 1/3 "R"_3`

`[(1, 0, -3),(0, 1, 0),(0, 0, 1)] = [(-12, 5, -5),(-15, 6, -5),(5, -2, 2)]"A"`

R1 → R1 + 3R3  

`[(1, 0, 0),(0, 1, 0),(0, 0, 1)] = [(3, -1, 1),(-15, 6, -5),(5, -2, 2)]"A"`

इसलिए, `"A"^-1 = [(3, -1, 1),(-15, 6, -5),(5, -2, 2)]`

shaalaa.com
आव्यूह
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: आव्यूह - प्रश्नावली [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
पाठ 3 आव्यूह
प्रश्नावली | Q 51. (iii) | पृष्ठ ५८

संबंधित प्रश्‍न

यदि A = `[(2, 3),(1, 2)]`, B = `[(1, 3, 2),(4, 3, 1)]`, C = `[(1),(2)]`, D = `[(4, 6, 8),(5, 7, 9)]`, हों तो A + B, B + C, C + D और B + D योगफलों में कौन से योगफल परिभाषित हैं।


यदि A एक 3 × 3 कोटि का व्युत्क्रमणीय आव्यूह है तो दिखाइए कि किसी भी अदिश k (शून्येतर) के लिए kA व्युत्क्रमणीय है तथा `("kA")^-1 = 1/"k" "A"^-1`


यदि A और B समान कोटि के दो आव्यूह हैं, तो (A + B) (A – B) बराबर है।


आव्यूह A = `[(0, 0, 5),(0, 5, 0),(5, 0, 0)]` है।


यदि A और B समान कोटि के दो सममित आव्यूह हैं, तब (AB′-BA′) है एक


एक a2×2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव aij = `("i" - 2"j")^2/2` इस प्रकार से प्राप्त होते हैं।


यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो 2X – 3Y ज्ञात कीजिए।


यदि x और y, 2 × 2 कोटि के आव्यूह हों, तो निम्नलिखित समीकरणों को X और Y के लिए हल कीजिए।

2X + 3Y = `[(2, 3),(4, 0)]`, 3Y + 2Y = `[(-2, 2),(1, -5)]`


यदि A = `[(3, 5)]`, B = `[(7, 3)]`, हों तो एक शून्येतर आव्यूह C ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि AC = BC.


आव्यूह A, B और C के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि AB = BC, जहाँ A एक शून्येतर आव्यूह है, परंतु B ≠ C है।


यदि A = `[(2, 1)]`, B = `[(5, 3, 4),(8, 7, 6)]` और C = `[(-1, 2, 1),(1, 0, 2)]` हो तो सत्यापित कीजिए कि A(B + C) = (AB + AC)


यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (A – B)′ = A′ – B′


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (A – B) C = AC – BC 


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (A – B)T = AT – BT 


यदि `3[("a", "b"),("c", "d")] = [("a", 6),(-1, 2"d")] + [(4, "a" + "b"),("c" + "d", 3)]` हो तो a, b, c और d के मान ज्ञात कीजिए।


यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।


यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हों तो (AB′–BA′)


यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।


प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण  `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।


किसी आव्यूह का ऋण आव्यूह इसको ______ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।


एक आव्यूह जो आवश्यक नहीं कि वर्ग आव्यूह हो एक ______ आव्यूह कहलाता है।


यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो (kA)′ = ______ (k कोई अदिश है।)


यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो [k (A – B)]′ = ______


यदि A सममित आव्यूह है तो B′AB ______ है।


आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।


आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।


यदि आव्यूह AB = O, तब A = O या B = O या दोनों A और B शून्य आव्यूह हैं।


यदि (AB)′ = B′ A′, जहाँ A और B वर्ग आव्यूह नहीं है तब A के पंक्तियों की संख्या B के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा A के स्तभों की संख्या B के पंक्तियों की संख्या के बराबर होगी।


यदि A, B और C समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तब AB = AC से सदैव B = C प्राप्त होता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×