Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यदि `[(2, 1, 3)] [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)] [(1),(0),(-1)]` = A हो तो A ज्ञात कीजिए।
Advertisements
उत्तर
हमारे पास, `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)]_(3 xx 3) [(1),(0),(-1)]_(3 xx 1)` = A
∴ `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(-1 + 0 + 1),(-1 + 0 + 0),(0 + 0 - 1)]_(3 xx 1)` = A
⇒ `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(0),(-1),(-1)]_(3 xx 1)`` = A
⇒ `[0 -1 -3]` = A
⇒ A = [– 4]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सिद्ध कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है।
यदि `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।
यदि A = `[(1, 3, 2), (2, 0, -1), (1, 2, 3)]`, तो दिखाइए कि A समीकरण A3 - 4A2 - 3A + 11I = O को संतुष्ट करता है।
यदि A और B समान कोटि के दो आव्यूह हैं, तो (A + B) (A – B) बराबर है।
यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हैं तब (3A -2B)′ = ______
यदि एक आव्यूह में 28 अवयव हैं, तो इसकी संभव कोटियाँ क्या हैं? यदि इसमें 13 अवयव हों तो कोटियाँ क्या होंगी?
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयव a23, a31, a12 लिखिए।
दर्शाइए कि A = `[(5, 3),(-1, -2)]` समीकरण A2 - 3A - 7I = O को संतुष्ट करता है और इसके प्रयोग से A-1 ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (kA)' = (kA')
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (A – B)′ = A′ – B′
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि a(C – A) = aC – aA
यदि A = `[(costheta, sintheta),(-sintheta, costheta)]` तो दिखाइए कि A2 = `[(cos2theta, sin2theta),(-sin2theta, cos2theta)]`
यदि A = `[(0, -x),(x, 0)]`, B = `[(0, 1),(1, 0)]` और x2 = –1 हो तो दिखाइए कि (A + B)2 = A2 + B2.
यदि `3[("a", "b"),("c", "d")] = [("a", 6),(-1, 2"d")] + [(4, "a" + "b"),("c" + "d", 3)]` हो तो a, b, c और d के मान ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(1, 2),(4, 1)]` हो तो A2 + 2A + 7I ज्ञात कीजिए।
आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।
आव्यूह P = `[(0, 0, 4),(0, 4, 0),(4, 0, 0)]` है।
कोटि 3 × 3 के सभी संभव आव्यूहों की संख्या जिनकी प्रत्येक प्रविष्ठि 2 या 0 हो, होगी।
प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण
`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
एक आव्यूह जो आवश्यक नहीं कि वर्ग आव्यूह हो एक ______ आव्यूह कहलाता है।
यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो BA – 2AB ______ है।
दो आव्यूह समान होते हैं यदि उनकी पंक्तियों तथा स्तंभों की संख्या समान हो।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।
किसी भी आव्यूह A के लिए AA′ सदैव सममित आव्यूह होता है।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो A2 सममित आव्यूह होगा।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
