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प्रश्न
आव्यूह A, B और C के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि AB = BC, जहाँ A एक शून्येतर आव्यूह है, परंतु B ≠ C है।
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उत्तर
चलो A = `[(1, 0),(0, 0)]`, B = `[(1, 1),(1, 0)]` और C = `[(1, 1),(1, 2)]` ......[∵ B ≠ C]
∴ AB = `[(1, 0),(0, 0)] [(1, 1),(1, 0)] = [(1, 1),(0, 0)]` ......(i)
और AC = `[(1, 0),(0, 0)] [(1, 1),(1, 2)] = [(1, 1),(0, 0)]` ......(ii)
(i) और (ii)
हमारे पास AB = AC परंतु B ≠ C है।
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यदि A और B समान कोटि के दो आव्यूह हैं, तो (A + B) (A – B) बराबर है।
यदि A और B एक समान कोटि की दो विषम सममित आव्यूह हों तो AB एक सममित आव्यूह होगा यदि ______
एक 3 × 2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव aij = ei.x sinjx द्वारा दिए गए हैं।
यदि संभव हो, तो A और B आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[(sqrt(3), 1),(2, 3)]`, और B = `[(x, y, z),(a, "b", 6)]` है।
दर्शाइए कि A = `[(5, 3),(-1, -2)]` समीकरण A2 - 3A - 7I = O को संतुष्ट करता है और इसके प्रयोग से A-1 ज्ञात कीजिए।
यदि `[(4),(1),(3)]` A = `[(-4, 8,4),(-1, 2, 1),(-3, 6, 3)]` हो तो A ज्ञात कीजिए।
यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: (AB) C = A (BC)
यदि P = `[(x, 0, 0),(0, y, 0),(0, 0, z)]` और Q = `[("a", 0, 0),(0, "b", 0),(0, 0, "c")]` तो सिद्ध कीजिए कि PQ = `[(x"a", 0, 0),(0, y"b", 0),(0, 0, z"c")]` = QP.
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (kA)' = (kA')
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A (BC) = (AB) C
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (bA)T = bAT
A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I
यदि `3[("a", "b"),("c", "d")] = [("a", 6),(-1, 2"d")] + [(4, "a" + "b"),("c" + "d", 3)]` हो तो a, b, c और d के मान ज्ञात कीजिए।
आव्यूह A ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि `[(2, -1),(1, 0),(-3, 4)] "A" = [(-1, -8, -10),(1, -2, -5),(9, 22, 15)]`
यदि A एक वर्ग आव्यूह है जो A2 = A को संतुष्ट करता है तो दिखाइए कि (I + A)2 = 7A + I
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, -1, 3),(-5, 3, 1),(-3, 2, 3)]`
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`
यदि A = `[(0, 1), (1, 0)]`, तो A2 बराबर है।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।
प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण
`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
किसी आव्यूह को एक अदिश ______ से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है।
यदि A एक विषम सममित आव्यूह है तो A2 एक ______ है।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो kA (k कोई अदिश है) एक ______ है।
एक आव्यूह एक संख्या को निरूपित करता है।
यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो A2 सममित आव्यूह होगा।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
