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प्रश्न
यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′
पर्याय
सत्य
असत्य
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उत्तर
यह कथन असत्य है।
व्याख्या:
चूंकि (AB)' = B'A'.
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आव्यूह A = [aij]2×2 की रचना कीजिए जिसके अवयव aij इस प्रकार हैं कि aij = e2ix sin jx.
यदि `[(2x, 3)] [(1, 2),(-3, 0)] [(x),(8)]` = 0, हो तो x का मान निकालिए।
आव्यूह A = `[(0, 0, 5),(0, 5, 0),(5, 0, 0)]` है।
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।
यदि संभव हो, तो A और B आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[(sqrt(3), 1),(2, 3)]`, और B = `[(x, y, z),(a, "b", 6)]` है।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो X + Y ज्ञात कीजिए।
आव्यूह समीकरण `x[(2x, 2),(3, x)] + 2[(8, 5x),(4, 4x)] = 2[(x^2 + 8, 24),(10, 6x)]` को संतुष्ट करने वाले x के शून्येतर मान निकालिए।
यदि x और y, 2 × 2 कोटि के आव्यूह हों, तो निम्नलिखित समीकरणों को X और Y के लिए हल कीजिए।
2X + 3Y = `[(2, 3),(4, 0)]`, 3Y + 2Y = `[(-2, 2),(1, -5)]`
यदि P = `[(x, 0, 0),(0, y, 0),(0, 0, z)]` और Q = `[("a", 0, 0),(0, "b", 0),(0, 0, "c")]` तो सिद्ध कीजिए कि PQ = `[(x"a", 0, 0),(0, y"b", 0),(0, 0, z"c")]` = QP.
यदि A = `[(1, 0, -1),(2, 1, 3 ),(0, 1, 1)]` है तो सत्यापित कीजिए कि A2 + A = A(A + I), जहाँ I एक 3 × 3 तत्समक आव्यूह है।
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (bA)T = bAT
यदि A = `[(0, -x),(x, 0)]`, B = `[(0, 1),(1, 0)]` और x2 = –1 हो तो दिखाइए कि (A + B)2 = A2 + B2.
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, 3),(-5, 7)]`
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, -3),(-2, 6)]`
यदि A = `[(1, 5),(7, 12)]` और B `[(9, 1),(7, 8)]` हों तो एक ऐसा आव्यूह C ज्ञात कीजिए कि 3A + 5B + 2C एक शून्य आव्यूह हो।
यदि A = `[(3, -5),(-4, 2)]` हो तो A2 – 5A – 14 ज्ञात कीजिए और फिर इसके प्रयोग से A3 ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(1, 2),(4, 1)]` हो तो A2 + 2A + 7I ज्ञात कीजिए।
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, -1, 3),(-5, 3, 1),(-3, 2, 3)]`
आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।
कोटि 3 × 3 के सभी संभव आव्यूहों की संख्या जिनकी प्रत्येक प्रविष्ठि 2 या 0 हो, होगी।
यदि A = `[(0, 1), (1, 0)]`, तो A2 बराबर है।
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
किसी भी कोटि के आव्यूहों को जोड़ा जा सकता है।
असमान कोटि वाले आव्यूहों को घटाया नहीं जा सकता है।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।
यदि A और B दो समान कोटि के आव्यूह हैं तब A + B = B + A होता है।
