मराठी

माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।

बेरीज
Advertisements

उत्तर

जैसे, A और B आदेश 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हो।

हमारे पास, (AB)2 = AB · AB है।

= A(BA)B

= A(AB)B  ......[यदि AB = BA]

= AABB

= A2B2

इस प्रकार, (AB)2 = A2B2 केवल तभी सत्य है जब AB = BA.

shaalaa.com
आव्यूह
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: आव्यूह - प्रश्नावली [पृष्ठ ५६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
पाठ 3 आव्यूह
प्रश्नावली | Q 30 | पृष्ठ ५६

संबंधित प्रश्‍न

आव्यूह  A = [aij]2×2 की रचना कीजिए  जिसके अवयव aij इस प्रकार हैं कि aij = e2ix sin jx.


आव्यूह A = `[(0, 0, 5),(0, 5, 0),(5, 0, 0)]` है।


यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हैं तब (3A -2B)′ = ______


यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।


आव्यूह समीकरण `x[(2x, 2),(3, x)] + 2[(8, 5x),(4, 4x)] = 2[(x^2 + 8, 24),(10, 6x)]` को संतुष्ट करने वाले x के शून्येतर मान निकालिए।


यदि A = `[(0, 1),(1, 1)]` और B = `[(0, -1),(1, 0)]` हैं तो दिखाइए कि (A + B) (A - B) A2 - B2.     


आव्यूह समीकरण `[(2, 1),(3, 2)] "A" [(-3, 2),(5, -3)] = [(1, 0),(0, 1)]` को संतुष्ट करने वाले आव्यूह A ज्ञात कीजिए।


आव्यूह A, B और C के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि AB = BC, जहाँ A एक शून्येतर आव्यूह है, परंतु B ≠ C है।


यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (A – B)′ = A′ – B′


यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (A – B) C = AC – BC 


A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I


यदि A = `[(3, -5),(-4, 2)]` हो तो A2 – 5A – 14 ज्ञात कीजिए और फिर इसके प्रयोग से  A3 ज्ञात कीजिए।


यदि `[(0, "a", 3),(2, "b", -1),("c", 1, 0)]` एक विषम सममित आव्यूह हो तो  a, b और c के मान ज्ञात कीजिए।


आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।


यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।


आव्यूह `[(0, -5, 8),(5, 0, 12),(-8, -12, 0)]`


यदि A एक m × n कोटि का आव्यूह है और B इस प्रकार का आव्यूह है कि AB′ और B′A दोनों ही परिभाषित हों तो आव्यूह B की कोटि होगी।


यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हों तो (AB′–BA′)


प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण

`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।


किसी आव्यूह का ऋण आव्यूह इसको ______ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।


आव्यूहों का गुणनफल, योग का ______ करता है।


यदि A और B समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तो [k (A – B)]′ = ______


यदि A विषम सममित आव्यूह है तो kA (k कोई अदिश है) एक ______ है।


यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो AB – BA ______ है।


दो आव्यूह समान होते हैं यदि उनकी पंक्तियों तथा स्तंभों की संख्या समान हो।


यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′


किसी भी आव्यूह A के लिए AA′ सदैव सममित आव्यूह होता है।


(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×