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दीर्घ वृत्तों जिनका केंद्र मूल बिंदु पर तथा नाभियाँ x-अक्ष पर हैं को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि 2 है। - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

दीर्घ वृत्तों जिनका केंद्र मूल बिंदु पर तथा नाभियाँ x-अक्ष पर हैं को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि 2 है।

विकल्प

  • सत्य

  • असत्य

MCQ
सत्य या असत्य
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उत्तर

यह कथन सत्य है।

व्याख्या:

क्योंकि दिए गए कुल को निरूपित करने वाला समीकरण `x^2/"a"62 + y^2/"b"^2` = 1 है जिसमें दो स्वेच्छ अचर हैं। 

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अवकल समीकरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: अवकल समीकरण - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ १८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 9 अवकल समीकरण
हल किये हुए उदाहरण | Q 23. (i) | पृष्ठ १८६

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न में अवकल समीकरण का व्यापक हल ज्ञात कीजिए-

`xdy/dx + 2y = x^2 log x`


बिंदु (1, 1) से गुजरने वाले एक ऐसे वक्र का समीकरण ज्ञात कौजिए जिसका किसी बिंदु P(x, y) से वक्र के अभिलंब की मूल बिंदु से लंबवत दूरी P से x-अक्ष की दूरी के बराबर है।


`x^2 "dy"/"dx" - x"y" = 1 + cos("y"/x)`, x ≠ 0 तथा जब x = 1 तब y = `pi/2` है को हल कीजिए।


बताइए कि समीकरण xdy – ydx = `sqrt(x^2 + "y"^2)  "d"x` किस प्रकार का अवकल समीकरण है तथा इसे हल कीजिए। 


अवकल समीकरण `"dy"/"dx" (x log x) + y` = 2logx का समाकलन गुणक है


F(x, y) = `(sqrt(x^2 + y^2) + y)/x` का घात ______ है।


वक्रों के कुल y = A sinx + B cosx को निरूपित करने वाला अवकल समीकरण ______ है।


अवकल समीकरण  x(1 + y2)dx + y(1 + x2)dy = 0 का व्यापक हल (1 + x2)(1 + y2) = k है।


अवकल समीकरण `"dy"/"dx" + "y" sec x` = tan x का व्यापक हल y(secx – tanx) = secx – tanx + x + k है।


अवकल समीकरण `"y"^2 "dy"/"dx" + "y"^2 + 1` = 0 का एक हल x + y = tan–1y है।


अवकल समीकरण `(x^2 - 1) "dy"/"dx" + 2x"y" = 1/(x^2 - 1)` को हल कीजिए।


अवकल समीकरण  `"dy"/"dx"` = 1 + x + y2 + xy2,  को हल कीजिए जब y = 0, x = 0


`("dy")/("d"x) = cos(x + "y") + sin(x + "y")` को हल कीजिए [संकेत : x + y = z रखिए]


`("dy")/("d"x) -3"y" = sin2x` का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।


मूल बिंदु से गुजरने वाले वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए यदि इस वक्र के किसी बिंदु (x, y) पर स्पर्श रेखा की प्रवणता इस बिंदु के x निर्देशांक (भुज) तथा y निर्देशांक (कोटि) के अंतर के वर्ग के बराबर है।


अवकल समीकरण xdy – ydx = 0 का हल निरूपित करता है एक ______


अवकल समीकरण `cosx ("dy")/("d"x) + "y"sinx` = 1 का समाकलन गुणक है।


अवकल समीकरण `("dy")/("d"x) + "y" tanx - secx` = 0 का समाकलन गुणक है


वह वक्र जिसके लिए किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा की प्रवणता उस बिंदु के x-अक्ष (भुज) तथा y-अक्ष (कोटि) के अनुपात के बराबर है वह है


`("dy")/("d"x) + "y" = "e"^-x`, y(0) = 0 का हल है


अवकल समीकरण `[1 + (("dy")/("d"x))^2] = ("d"^2"y")/("d"x^2)` की कोटि तथा घात क्रमश: है


कोटि तीन के अवकल समीकरण के व्यापक हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या ______ है।


`("d"x)/("d"x) + "P"_1x = "Q"_1` प्रकार के अवकल समीकरण का व्यापक हल ______ है।


अवकल समीकरण `x("dy")/("d"x) + 2"y" = x^2` का हल ______ है।


अवकल समीकरण ydx + (x + xy)dy = 0 का हल ______ है।


अवकल समीकरण `("d"x)/("dy") + "P"_1x = "Q"_1` के समाकलन गुणक को `"e"^(int "P"_1"dy")` से लिखा जाता है।


 `("dy")/("d"x) = "f"(x, "y")` जहाँ f (x, y) एक शून्य घात वाला समघातीय फलन है, को हल करने के लिए सही प्रतिस्थापन y = vx है।


द्वितीय कोटि के अवकल समीकरण के विशिष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या ं

दो होती है।


वक्रों के कुल y = ex (Acosx + Bsinx)  को निरूपित करने वाला अवकल समीकरण `("d"^2"y")/("d"x^2) - 2 ("dy")/("d"x) + 2"y"` = 0  है।


अवकल समीकरण `("dy")/("d"x) = (x + 2"y")/x` का हल x + y = kx2 है।


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