Advertisements
Advertisements
प्रश्न
tan–1 x + tan–1 y = c किस अवकल समीकरण का व्यापक हल है?
विकल्प
`("dy")/("d"x) = (1 + "y"^2)/(1 + x^2)`
`("dy")/("d"x) = (1 + x^2)/(1 + "y"^2)`
(1 + x2) dy + (1 + y2) dx = 0
(1 + x2) dx + (1 + y2) dy = 0
Advertisements
उत्तर
सही उत्तर (1 + x2) dy + (1 + y2) dx = 0 है।
व्याख्या:
दिया गया समीकरण tan–1x + tan–1y = c है।
दोनों पक्षों का x के सापेक्ष अवकलन करने पर हमें प्राप्त होता है
`1/(1 + x^2) + 1/(1 + "y"^2) * ("dy")/("d"x)` = 0
⇒ `(1/(1 + "y"^2)) ("dy")/("d"x) = -(1/(1 + x^2))`
⇒ `("dy")/("d"x) = -((1 + "y"^2)/(1 + x^2))`
⇒ (1 + x2)dy = – (1 + y2)dx
⇒ (1 + x2)dy + (1 + y2)dx = 0.
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न में अवकल समीकरण का व्यापक हल ज्ञात कीजिए-
`x "dy"/"dx" + y - x + xy cot x = 0 (x ≠ 0)`
निम्नलिखित प्रश्न में अवकल समीकरण का व्यापक हल ज्ञात कीजिए-
y dx + (x – y2)dy = 0
निम्नलिखित प्रश्न में अवकल समीकरण के लिए दिए हुए प्रतिबंध को संतुष्ट करने वाला विशिष्ट हल ज्ञात कीजिए-
`(1 + x^2) dy/dx + 2xy = 1/(1 + x^2); y = 0` यदि x = 1
एक तल में सभी अक्षैतिज रेखाओं का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए।
बिंदु (1, 1) से गुजरने वाले एक ऐसे वक्र का समीकरण ज्ञात कौजिए जिसका किसी बिंदु P(x, y) से वक्र के अभिलंब की मूल बिंदु से लंबवत दूरी P से x-अक्ष की दूरी के बराबर है।
दी गई त्रिज्या a के सभी वृत्तों के अवकल समीकरण की कोटि है
अवकल समीकरण `("dy"/"dx")^2 + (("d"^2y)/("d"x^2))^2` = 0 की घात ______ हैं।
अवकल समीकरण `x "dy"/"dx" - y` = sinx का समाकलन गणक ______ है।
दीर्घ वृत्तों जिनका केंद्र मूल बिंदु पर तथा नाभियाँ x-अक्ष पर हैं को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि 2 है।
अवकल समीकरण `"dy"/"dx" + 1` = ex + y को हल कीजिए।
अवकल समीकरण `"dy"/"dx"` = 1 + x + y2 + xy2, को हल कीजिए जब y = 0, x = 0
यदि y (x) समीकरण `((2 + sinx)/(1 + "y"))"dy"/"dx"` = – cosx का हल है और y (0) = 1, है तब `"y"(pi/2)` का मान ज्ञात कीजिए।
केंद्र (1, 2) वाले सभी सकेंद्री वृत्तों के कुल का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए।
`("dy")/("d"x) = cos(x + "y") + sin(x + "y")` को हल कीजिए [संकेत : x + y = z रखिए]
अवकल समीकरण `("d"^2"y")/("d"x^2) + (("dy")/("d"x))^(1/4) + x^(1/5)` = 0, के कोटि और घात क्रमश: हैं
अवकल समीकरण `cosx ("dy")/("d"x) + "y"sinx` = 1 का समाकलन गुणक है।
ex cosy dx – ex siny dy = 0 का व्यापक हल है
y = aemx+ be–mx निम्न में से किस अवकल समीकरण को संतुष्ट करता है
अवकल समीकरण जिसका एक हल y = acosx + bsinx है
अवकल समीकरण `[1 + (("dy")/("d"x))^2] = ("d"^2"y")/("d"x^2)` की कोटि तथा घात क्रमश: है
अवकल समीकरण `("d"^2"y")/("d"x^2) + "e"^(("dy")/("d"x))` = 0 की घात ______ है।
`(1 + x^2) ("dy")/("d"x) + 2x"y" - 4x^2` = 0 का हल ______ है।
अवकल समीकरण `("d"x)/("dy") + "P"_1x = "Q"_1` के समाकलन गुणक को `"e"^(int "P"_1"dy")` से लिखा जाता है।
`("d"x)/("dy") + "p"_1x = "Q"_1` प्रकार के अवकल समीकरण के हल को x.I.F. = `("I"."F") xx "Q"_1"dy"` द्वारा दिया जाता है।
वृत्तों के कुल x2 + (y – a)2 = a2 को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि दो होगी।
`("dy")/("d"x) = ("y"/x)^(1/3)` का हल `"y"^(2/3) - x^(2/3)` = c है।
