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कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?

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Question

कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?

Answer in Brief
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Solution

कान खोलि से कवि ने अपनी प्रेमिका के कानों को खोलने की बात कही है। कवि कहता है कि वह कब तक कानों में रुई डाले रहेगी। कब तक यह दिखाएगी कि वह बहरी बनी बैठी है। एक दिन ऐसा अवश्य आएगा कि मेरे हृदय की पुकार उसके कानों तक अवश्य पहुँचेगी। भाव यह है कि कवि को विश्वास है कि एक दिन उसकी प्रेमिका अवश्य उसके प्रति बैरुखा रवैया छोड़कर उसे अपना लेगी। कवि की करुण पुकार उसे अवश्य पिघला देगी।

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कवित्त
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Chapter 1.11: घनानंद - कवित्त/सवैया - प्रश्न-अभ्यास [Page 55]

APPEARS IN

NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.11 घनानंद - कवित्त/सवैया
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 55

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