English

‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

चाँदनी रात में चारों ओर फैले उज्ज्वल प्रकाश में आसमान को देखने से ऐसा लगता है, जैसे पारदर्शी शिलाओं से बना हुआ कोई सुधा मंदिर हो। इसकी दीवारें पारदर्शी होने के कारण भीतर-बाहर सब कुछ अत्यंत सुंदर दिखाई दे रहा है। यह मंदिर अमृत की भाँति लग रहा है।

shaalaa.com
कवित्त
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।


'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?


कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?


बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?


कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?


बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?


कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?


सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?


कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?


कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।


कवि देव ने वसंत को राजा कामदेव का पुत्र क्यों कहा है?


कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×