Advertisements
Advertisements
Question
कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?
Advertisements
Solution
कवि देव अपनी सहायता के लिए ब्रजवासियों के मध्य दूल्हे की भाँति पुरुष अर्थात् श्रीकृष्ण से अपनी सहायता करने के लिए आह्वान कर रहे हैं कि श्रीकृष्ण सदैव उनके मददगार बने रहें।
RELATED QUESTIONS
दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।
'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?
'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?
कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?
कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?
बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?
कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?
‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।
कवि देव ने वसंत को राजा कामदेव का पुत्र क्यों कहा है?
कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?
कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास है, कै ______ चाहत चलन ये संदेशो लै सुजान को।
आशय स्पष्ट कीजिए।
अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।
