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कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?

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Question

कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?

Short/Brief Note
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Solution

चाँदनी के उज्ज्वल प्रकाश में स्वच्छ आसमान के चाँद के आसपास बिखरे तारे ऐसे लग रहे हैं, जैसे धरती पर राधा के आसपास सफ़ेद वस्त्र पहने गौरवर्ण वाली सहेलियाँ खड़ी हों। इनके शरीर से मोतियों-सी चमक और मल्लिका की महक उठ रही है।

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कवित्त
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
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आशय स्पष्ट कीजिए।

अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।


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