Advertisements
Advertisements
Question
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
जान घनआनंद यों मोहिं तुम्है पैज परी ______ कबहूँ तौ मेरियै पुकार कान खोलि है।
Advertisements
Solution
प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियाँ अंतरा भाग-2 नामक पुस्तक में संकलित कवित्त से ली गई हैं। इसके रचयिता रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि घनानंद है। प्रस्तुत पंक्तियों में कवि प्रेमिका के वियोग के कारण अपनी दुःखद स्थिति का वर्णन करता है। वह प्रेमिका के निष्ठुर व्यवहार से दुखी है और कहता है कि तुम इस प्रकार का व्यवहार मेरी ओर से कब तक रखोगी। मैं तुम्हें इसे छोड़ने पर विवश कर दूँगा।
व्याख्या- घनानंद कहते हैं कि हे सुजान! मेरी तुमसे इस विषय बहस हो ही गई है। तुम्हें ही अपनी जिद्द छोड़कर बोलना ही पड़ेगा। सुजान तुम्हें यह जानना ही होगा कि पहले कौन बोलता है। लगता है तुमने अपने कानों में रूई डाली हुई है। इस तरह तुम कब तक मेरी बात नहीं सुनने का बहाना बनाओगी। आखिर कभी तो ऐसा दिन आएगा, जब तुम्हारे कानों में मेरी पुकार पहुँचेगी। उस दिन तुम्हें मेरी बात सुननी ही पड़ेगी। भाव यह है कि सुजान की अनदेखी पर कवि चित्कार उठते हैं और उसके सम्मुख यह कहने पर विवश हो उठते हैं कि एक दिन सुजान स्वयं कवि के प्रेम निवेदन को स्वीकार करेगी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।
'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?
'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?
तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है?
कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?
बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?
कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?
कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?
‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।
सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?
कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?
कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।
कवि देव ने वसंत को राजा कामदेव का पुत्र क्यों कहा है?
कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?
कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?
कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास है, कै ______ चाहत चलन ये संदेशो लै सुजान को।
आशय स्पष्ट कीजिए।
अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।
