English

तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

तीसरे कवित्त के आधार पर बताइए कि कवि ने चाँदनी रात की उज्ज्वलता का वर्णन करने के लिए किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है?

One Line Answer
Advertisements

Solution

कवि ने चाँदनी रात की उज्जवलता का वर्णन करने के लिए स्फटिक शीला से बने मंदिर का, दही के समुद्र का व दूध जैसे झाग आदि उपमानों का प्रयोग कर कवित्त की सुंदरता में चार चाँद लगा दिया है।

shaalaa.com
कवित्त
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।


'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?


'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?


कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?


कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?


बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?


बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?


‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।


सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?


कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?


कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।


कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?


कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास है, कै ______ चाहत चलन ये संदेशो लै सुजान को।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
जान घनआनंद यों मोहिं तुम्है पैज परी ______ कबहूँ तौ मेरियै पुकार कान खोलि है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×