Advertisements
Advertisements
Question
दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।
Advertisements
Solution
- दूसरे कवियों द्वारा ऋतुराज वसंत को कामदेव मानने की परंपरा रही है परन्तु देवदत्त जी ने ऋतुराज वसंत को इस परंपरा से भिन्न एक बालक के रुप में चित्रित किया है।
- वसंत ऋतु को यौवन का ऋतु माना जाता है। कविगण इसके यौवन की मादकता और प्रखरता से भरपूर होने के कारण इसको मादक रुप में चित्रित करते हैं। परन्तु इसके विपरीत देवदत्त जी ने इसे एक बालक के रुप में चित्रित कर परंपरागत रीति से भिन्न जाकर कुछ अलग किया है।
- वसंत ऋतु का वर्णन करते समय परंपरागत कवि प्रकृति के विभिन्न उदाहरणों द्वारा जैसे फूल, पेड़, वर्षा, तितली, ठंडी हवा, भौरें, विभिन्न तरह के पक्षियों का चित्रण कर उसके सौंदर्य व मादकता को और सुंदर रुप प्रदान करते हैं। परन्तु इसके विपरीत देवदत्त जी ने यहाँ प्रकृति का चित्रण, ममतामयी माँ के रुप में कर भिन्न रुप दिया है।
- वसंत ऋतु के परंपरागत वर्णन में सभी पक्षी वसंत आगमन में उल्लास से भरपूर दिखाए जाते हैं। परंतु इसमें वह स्वयं उल्लासित न होकर बालक को प्रसन्न करने में लीन दिखाए गए हैं।
- परंपरागत वसंत ऋतु में नायक- नायिका को प्रेम क्रीड़ा में मग्न दर्शाया जाता है परन्तु देवदत्त जी के वसंत ऋतु में कमल रुपी नायिका को उसकी नज़र उतारते हुए दर्शाया गया है।
RELATED QUESTIONS
चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?
'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?
कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?
बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?
बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?
कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?
सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?
कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?
कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?
कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
झूठी बतियानि की पत्यानि तें उदास है, कै ______ चाहत चलन ये संदेशो लै सुजान को।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
जान घनआनंद यों मोहिं तुम्है पैज परी ______ कबहूँ तौ मेरियै पुकार कान खोलि है।
