English

घनानंद की रचनाओं की भाषिक विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

घनानंद की रचनाओं की भाषिक विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

  1. घनानंद की रचनाओं में अलंकारों का बड़ा सुंदर वर्णन मिलता है। वे अलंकारों का प्रयोग बड़ी प्रवीणता से करते थे। उनकी दक्षता का परिचय उनकी रचनाओं का पठन करते ही पता चल जाता है।
  2. घनानंद ब्रजभाषा के प्रवीण कवि थे। इनका भाषा साहित्यिक तथा परिष्कृत है।
  3. लाक्षणिकता का गुण इनकी भाषा में देखने को मिलता है।
  4. काव्य भाषा में सर्जनात्मक के जनक भी थे।
shaalaa.com
घनानंद
  Is there an error in this question or solution?
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×