Advertisements
Advertisements
Question
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिखिए।
Advertisements
Solution
हाँ! हमने एक बार तोता पाला था। मेरे पिताजी उसे मेले से खरीदकर लाए थे। पक्षी की परवरिश एक छोटे बच्चे की भाँति ही की जाती है। मेरी माँ सुबह-सुबह उसे पिंजरे समेत घर के बाहर, बगीचे में लेकर आतीं। वह बाहर का वातावरण देखकर प्रसन्न हो जाता और ज़ोर-जोर से पंख फड़फड़ाता। हम उसे नहलाते भी थे। माँ उसे बाजरा देती व कटोरी में पानी। अमरूद, अंगूर व हरी मिर्च तो वह बहुत चाव से खाता। धूप थोड़ी सी तेज होने पर वह सिकुड़कर बैठ जाता। हम उसे अंदर कमरे में ले आते। बिल्ली या कुत्ते आदि जानवरों से उसे बहुत बचाना पड़ता था। रात को उसके पिंजरे पर कोई कपड़ा डाल देते तो वह बैठे-बैठे ही सो जाता।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्न
‘उथल-पुथल मचने’ से कवि का क्या अभिप्राय है?
कठपुतली को धागे में क्यों बाँधा जाता है?
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
क्या आप क्रांति के समर्थक हैं? क्या क्रांति के द्वारा समाज में व्याप्त अव्यवस्था को दूर किया जा सकता है? कैसे तर्क सहित उत्तर लिखिए।
वचन बदलो
|
एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत कुछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीज़ों में से कौन-सी चीज़ें बगीचे में होंगी?
|
कार |
फूल |
|
क्यारियाँ |
चिड़ियाँ |
|
सड़क |
फल |
|
खेत |
तालाब |
|
कारखाने |
पेड़ |
|
कुर्सी |
कागज़ |
|
पत्ता |
टहनी |
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?
नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखिए-
(क) सन् 1857 ______ ______
(ख) सन् 1942 ______ ______
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-
| कबूतर | कौआ | मैना |
| तोता | चील | हंस |
निम्नलिखित शब्द का प्रयोग आप किन संदर्भ में करेंगे? इस शब्द का दो वाक्य बनाइए।
औंधी
बहुविकल्पी प्रश्न
सूरज डूबते ही क्या हुआ?
हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव-गायन’ क्यों रखा गया होगा?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि पर किसने व्यंग्य किया?
बहुविकल्पी प्रश्न
दही कौन बिलो रही है?
