Advertisements
Advertisements
Question
मीरा किसकी दीवानी थी?
Advertisements
Solution
मीरा श्रीकृष्ण की दीवानी थी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
कठपुतली को धागे में क्यों बाँधा जाता है?
कठपुतलियाँ किसका प्रतीक हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि कैसा गीत नहीं लिख पा रहा है
इस कविता के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
कवि के अनुसार जीवन का रहस्य क्या है?
कवि फूलों, गीतों और विद्या की खेती क्यों करना चाहता है?
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
________ फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
|
क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
|
ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
|
ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है।
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
बहुविकल्पी प्रश्न
भेड़ों के झुंड-सा अंधकार कहाँ बैठा है?
रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
बहुविकल्पी प्रश्न
मीरा को किसके आने की भनक मिली।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।
