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चुरुंगुन अभी-अभी अपने घोंसले से निकला है। फिर भी वह पूरी दुनिया के बारे में जानना चाहता है। तुम किन चीज़ों के बारे में जानना चाहते हो?

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Question

चुरुंगुन अभी-अभी अपने घोंसले से निकला है। फिर भी वह पूरी दुनिया के बारे में जानना चाहता है। तुम किन चीज़ों के बारे में जानना चाहते हो?

Short/Brief Note
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Solution

मुझे अपने आसपास दिखने वाली चीजों के विषय में जानना अच्छा लगता है। जब भी मैं बस, कार, मेट्रो आदि में घूमने जाता हूँ, तो विभिन्न स्थानों को देखकर माता-पिता से उसके बारे में प्रश्न करता हूँ। उनसे मुझे बहुत सी रौचक जानकारियाँ प्राप्त होती हैं, जोकि मुझे बहुत अच्छी लगती है।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 1: चिड़िया और चुरुंगुन - अभ्यास [Page 3]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Durva Part 2 Class 7
Chapter 1 चिड़िया और चुरुंगुन
अभ्यास | Q 2. ग | Page 3

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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?


 ‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-

"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"

अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

लक्की ________की तरह गरजता है।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।


कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?


बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

नया भूगोल बनाना


यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।


कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?


स्वतंत्र होने की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होंगी और स्वतंत्र होने के बाद स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी ?


कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


बहुविकल्पी प्रश्न

‘शाम-एक किसान’ कविता के रचयिता कौन हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

“चिलम आधी होना’ किसका प्रतीक है?


जंगल में खिले पलाश के फूल कैसे प्रतीत होते हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?


सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?


घमंडी की आँख से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास लोगों ने क्या किया?


'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'

(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?

(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?


कैसी बूंदें पड़ रही थीं।


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