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यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।

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Question

यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

यदि हमारे घर में किसी पक्षी ने अपना घोंसला बनाया हो और किसी कारणवश हमें घर बदलना पड़ रहा हो तो हम संभवतः प्रयास तो यह करेंगे कि घोंसले को छेड़ा न जाए और उस पक्षी के बाहर आने-जाने का स्थान भी खुला रहे। लेकिन यदि ऐसा न हो पाए तो हम घोंसले को सावधानीपूर्वक उठाकर घर के बाहर किसी ऊँचे स्थान पर रखेंगे जहाँ उस पक्षी की नज़र पड़ सके।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के - अनुमान और कल्पना [Page 3]

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NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 1 हम पंछी उन्मुक्त गगन के
अनुमान और कल्पना | Q 2 | Page 3

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नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


इन शब्दों के समान अर्थ वाले कुछ शब्दों को लिखो

धरती ________________________

चिड़िया ________________________

हवा ______________________________

पेड़ ______________________________

दुनिया ______________________________


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना →  सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
 

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

आँगन में तलवार चल रही है।


नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।

"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"

तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।


बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

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'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


बहुविकल्पी प्रश्न

चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?


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भेड़ों के झुंड-सा अंधकार कहाँ बैठा है?


आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?


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'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'

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  तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है।

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