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Question
मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?
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Solution
मीरा को सावन मनभावन लगता है क्योंकि सावन के आने से मन में उमंग भर आती है तथा सावन की बूँदों की ध्वनि से उसे अपने प्रभु के आगमन की अनूभूति होती है। नन्ही-नन्ही बूँदों के बरसने से उन्हें शीतलता महसूस होती है।
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वचन बदलो
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एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
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(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-
(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी
(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
(ग) पानी का परदा-सामेरे आसपास था हिल रहा
(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा
(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया
• इन पंक्तियो में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है?
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इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?
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पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
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| नमूना → |
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नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
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