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Question
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
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Solution
- पुलकित-पंख
- कटुक निबौरी
- उन्मुक्त-गगन
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?
तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
बरसने लगा ________ यह पानी।
बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?
जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया भूगोल बनाना
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
स्वतंत्र होने की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होंगी और स्वतंत्र होने के बाद स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी ?
कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
बहुविकल्पी प्रश्न
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है
