Advertisements
Advertisements
Question
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
| नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
|
ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
आँगन में तलवार चल रही है।
Advertisements
Solution
आँगन में तलवार चल रही है - ऐसा लगता है कि बिजली चमकने से आकाश में चिंगारी जल रही है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की
कठपुतली को धागे में क्यों बाँधा जाता है?
कवि कैसी तान सुनाना चाहते हैं?
हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया भूगोल बनाना
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?
बहुविकल्पी प्रश्न
चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
पहाड़ के चरणों में बहती नदी किस रूप में दिखाई देती है?
किसको किस रूप में चित्रित किया गया है?
रहीम के दोहों से हमें क्या सीख मिलती है?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
किसी ढब से निकलना’ का अर्थ है किसी ढंग से निकलना। ‘ढब से’ जैसे कई वाक्यांशों से आप परिचित होंगे, जैसे-धम से वाक्यांश है लेकिन ध्वनियों में समानता होने के बाद भी ढब से और धर्म से जैसे वाक्यांशों के प्रयोग में अंतर है। ‘धम से’, ‘छप से’ इत्यादि का प्रयोग ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ ध्वनि द्वारा क्रियों को सूचित करने वाले वाक्यांश और कुछ अधूरे वाक्य दिए गए हैं। उचित वाक्यांश चुनकर वाक्यों के खाली स्थान भरिए-
छप से
टप से
थर्र से
फुर्र से
सन् से।
(क)मेंढक पानी में _________ कूद गया।
(ख)नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद _________ च गई।
(ग)शोर होते ही चिड़िया __________ उड़ी।
(घ) ठंडी हवा__________गुजरी, मैं ठंड में _________ काँप गया।
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?
कैसी बूंदें पड़ रही थीं।
