Advertisements
Advertisements
Question
'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे','लाल जी', कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं
Advertisements
Solution
यहाँ यशोदा कृष्ण को जगाने का प्रयास करती हैं और कहती हैं - रात बीत गई है, सुबह हो गई है। हर घर के दरवाज़ें पर साधु-संत खड़े हैं। सभी ग्वाल-बाल शोर मचा रहे हैं, जयकार कर रहे हैं, माखन और रोटी हाथ में लेकर गायों की रखवाली के लिए जा रहे हैं, गोपियों के हाथ के कंगन बज रहे हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
तुम्हारे घर के पास कौन-कौन से पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आमतौर पर नज़र आते हैं? उनकी सूची बनाओ।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
बरसने लगा ________ यह पानी।
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
| नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
| ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।
'हम नया भूगोल बनाएँगे।'
ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?
नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।
| संसार | कल्पना | इंसान | पौधा | चेतना | जमाना | दुनिया | इतिहास |
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
|
क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
|
ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
|
ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एकरूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में 'आकाश का साफ़ा' वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
अंधकार दूर सिमटा कैसा लग रहा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
साँचा मीत किसे कहा गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?
आस-पास के लोगों ने क्या उपहास किया?
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
किसके आने की आहट सुनकर मीरा प्रसन्न हो गई।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।
