English

बहुविकल्पी प्रश्न साँचा मीत किसे कहा गया है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

बहुविकल्पी प्रश्न

साँचा मीत किसे कहा गया है?

Options

  • विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरनेवाला

  • सच बोलनेवाला

  • संपत्ति हड़पनेवाला

  • मिलनेवाला

MCQ
Advertisements

Solution

विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरनेवाला

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: रहीम के दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 11 रहीम के दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 3

RELATED QUESTIONS

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतली को किस बात का दुख था?


यह कविता किस वाद से प्रभावित है?


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
फल - पल

अपने आस-पास पता करके ऐसे किसी व्यक्ति से बात करो जिसने कोई पेड़ या पौधा लगाया है। उससे पूछकर निम्नलिखित जानकारी प्राप्त करो-

  • पेड़/पौधे का नाम
  • कब लगाया था?
  • देखभाल की या नहीं?
  • क्या वह पेड़/पौधा अब भी मौजूद है?

इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

काका किसी को ज़ोर-ज़ोर से डाँट रहे हैं।


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
 

ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

आँगन में तलवार चल रही है।


'हम नया भूगोल बनाएँगे।'

ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?

नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।

संसार कल्पना इंसान पौधा चेतना जमाना दुनिया इतिहास

स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।


कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?


नीचे दिए उदाहरण पढ़िए-

(क) बनत बहुत बहु रीत।

(ख) जाल परे जल जात बहि।

  • उपर्युक्त उदाहरणों की पहली पंक्ति में 'ब' का प्रयोग कई बार किया गया है और दूसरी में 'ज' का प्रयोग। इस प्रकार बार-बार एक ध्वनि के आने से भाषा की सुंदरता बढ़ जाती है। वाक्य रचना की इस विशेषता के अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।

रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?


कविता में दो शब्दों के मध्य (−) का प्रयोग किया गया है, जैसे− 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?


इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?


मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?


बहुविकल्पी प्रश्न

मीरा को किसके आने की भनक मिली।


बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है


कवि क्यों कह रहा है कि

'आज सभ्यता वहशी बन,

पेड़ों को काट रही है?'

इस पर अपने विचार लिखो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×