English

कठपुतली को गुस्सा क्यों आया? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?

Long Answer
Advertisements

Solution

कठपुतली को गुस्सा इसलिए आया क्योंकि ऊपर से उसकी बोली, उसके सारे हाव-भाव और हरकतें धागों के सहारे कोई और चला रहा था। वह कहती है कि ये धागे क्यों हैं, मेरे पैरों-हाथों को क्यों खींचा जा रहा है, और मुझे तुम्हारे मोड़ों पर छोड़ दो। अर्थात्, कठपुतली को गुस्सा इसलिए आया क्योंकि वह खुद अपनी इच्छा से कुछ नहीं कर सकती थी, उसे दूसरे लोग चलाते थे।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: कठपुतली - कविता से [Page 20]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 4 कठपुतली
कविता से | Q 1 | Page 20

RELATED QUESTIONS

क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।


बहुविकल्पी प्रश्न

कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?


तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।


इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

हमको तुमको प्रान मिलेगा।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

लक्की ________की तरह गरजता है।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →  वह मोर सा नाचता है।

सलमा ________ की तरह दौड़ती है।


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
सूरज ने ___________ बंद कर दिया अपने घर का दरवाज़ा।


हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते?


'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-

भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।

• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।


पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?


नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखिए-

(क) सन्‌ 1857 ______ ______

(ख) सन्‌ 1942 ______ ______


अंधकार दूर सिमटा कैसा लग रहा है?


वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?


रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे और क्यों की है?


इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।


कवि की बेचैनी का क्या कारण था?


निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।


कैसी बूंदें पड़ रही थीं।


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

दीप बुझे हैं जिन आँखों के,

उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×