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मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?

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Question

मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?

Short/Brief Note
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Solution

कविता के दूसरे पद में मीरा ने सावन का वर्णन अनुपम ढंग से किया है। वे कहती हैं कि सावन के महीने में मन-भावन वर्षा हो रही है। सावन के आते ही मन में उमंग आ जाती है। उसे श्रीकृष्ण के आने की भनक लग जाती है। चारों ओर से बादल उमड़-घुमड़ कर आ रहे हैं, बिजली चमक रही है, नन्हीं-नन्हीं बूंदें पड़ रही हैं तथा मंद-मंद शीतल वायु चल रही है।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 16: भोर और बरखा - अतिरिक्त प्रश्न [Page 121]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 16 भोर और बरखा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 15 | Page 121

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(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


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संध्या का झुटपुट-

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टी-वी-टी--टुट्-टुट्

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नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-

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(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||


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