English

बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-

पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।

Long Answer
Advertisements

Solution

बहुत से लोग शौक के रूप में पक्षी पालते हैं, परन्तु पक्षियों को पिंजरों में बंद करके पालना उचित नहीं है। पक्षियों का प्राकृतिक घर जंगल, पेड़ और खुला आकाश होता है। उन्हें उड़ने और स्वतंत्र रूप से रहने का अधिकार है। पिंजरे में कैद रहने से उनका स्वाभाविक जीवन, स्वास्थ्य और स्वतंत्रता प्रभावित होती है। इसलिए हमें पक्षियों को पालने के बजाय उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: हम पंछी उन्मुक्त गगन के - कविता से आगे [Page 2]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 1 हम पंछी उन्मुक्त गगन के
कविता से आगे | Q 1.1 | Page 2

RELATED QUESTIONS

बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता के रचयिता कौन हैं?


 ‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


कवि अन्य कवियों से क्या आह्वान करता है?


नीचे कुछ चीज़ों के नाम लिखें हैं। चुरुंगुन ने पहले किसे देखा? क्रम से लगाओ।

फूल, पात, फुनगी, दाल, फल, कलियाँ, धरती, साथी, तरु, दाना, गगन

तुम्हारे घर के पास कौन-कौन से पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आमतौर पर नज़र आते हैं? उनकी सूची बनाओ।


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो

कहाँ से, किसने, क्यों, क्या, किसके, किसको

___________ डाँट रहे हैं _________कहना नहीं सुना माँ का।


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

काका किसी को ज़ोर-ज़ोर से डाँट रहे हैं।


यह कविता आज़ादी मिलने से पहले के समय में लिखी गई थी। उस समय हमारे देश पर अंग्रेज़ों का राज था। किन पंक्तियों से पता चलता है कि लड़का/लड़की के काका स्वतंत्रता सेनानी थे?


स्वतंत्र होने की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होंगी और स्वतंत्र होने के बाद स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी ?


कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।


मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-

कबूतर कौआ मैना
तोता चील हंस

बहुविकल्पी प्रश्न

पहाड़ को किन रूपों में दर्शाया गया है?


बहुविकल्पी प्रश्न

रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है


सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?


रहीम के दोहों से हमें क्या सीख मिलती है?


तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?


यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?


बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

डाल - ढाल


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×